अमृतसरः पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्व विधायक, भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्वनी सेखड़ी ने अपने आवास पर एक विशेष प्रेस वार्ता की। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अश्वनी सेखड़ी ने कहा कि पिछली 40 सालों से बॉर्डर इलाकों की आवाज़ कभी ऊपर तक नहीं पहुंची, लेकिन जब वह दिल्ली पहुंचे तो उन्होंने इन मुद्दों को गंभीरता से गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि बॉर्डर के युवाओं के लिए सैनिक और केंद्रीय सेवाओं में 5 प्रतिशत आरक्षण की भी बात रखी गई, जिसका प्रस्ताव केंद्र ने मांगा है। उन्होंने प्रेस के सामने वह प्रेजेंटेशन भी रखा जो उन्होंने गृहमंत्री को दिया था। यह प्रेजेंटेशन मुख्यत: माझा और बॉर्डर बेल्ट की महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना, डेयरी फार्मिंग कोर्स और ‘लखपति बहना’ जैसी केंद्रीय योजनाओं से क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है।
उन्होंने बताया कि अमूल ने भरोसा दिया है कि बॉर्डर इलाकों की हर महिला द्वारा तैयार किया गया हर बूंद दूध अंतरराष्ट्रीय दर के अनुसार खरीदा जाएगा। उन्होंने केंद्र से अनुरोध किया था कि कम से कम 10,000 बॉर्डर के युवाओं को इस योजना के तहत मदद दी जाए। सेखड़ी ने खुशी जताई कि उन्होंने प्रधानमंत्री को दी गई चिट्ठी पर नतीजे आने शुरू हो गए हैं। पंजाब सरकार द्वारा भेजे गए 36 घरों के मामलों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केंद्र ने तुरंत मंजूरी दे कर पूरी राशि जारी कर दी है, हालांकि यह पैसा अभी लोगों तक नहीं पहुंचा है।
उन्होंने बताया कि देश भर में 3 करोड़ से अधिक कच्चे घरों के लिए ग्रांट जारी की गई है, पर पंजाब में केवल एक लाख मामले ही मंजूर हुए। सेखड़ी ने लोगों से अपील की कि जो भी लोग कच्चे घरों में रहते हैं, वे PM Awas Yojana के लिए ऑनलाइन आवेदन जरूर करें। किसानों के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री से वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम की मांग की थी, जिस पर रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया को केंद्र ने कदम उठाने के लिए कहा है। साथ ही, नुकसान वाली फसल वाले किसानों के लिए 20 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवज़े की मांग भी रखी गई थी। केंद्र ने 480 करोड़ रुपये पंजाब को जारी कर दिए हैं।

