
Health Tips: अगर आपका शुगर लेवल अक्सर बढ़ा रहता है, तो डायबिटिक फुट (Diabetic Foot) एक गंभीर समस्या बन सकता है। डायबिटीज शरीर में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने की क्षमता को प्रभावित करता है, जिससे पैरों में नसों की क्षति (Neuropathy) और खून के प्रवाह में कमी (Poor Blood Circulation) हो सकती है। अगर समय पर ध्यान नहीं दिया गया, तो संक्रमण बढ़ सकता है, जिससे अल्सर (घाव) या गैंग्रीन होने का खतरा रहता है, और गंभीर मामलों में पैर काटने तक की नौबत आ सकती है।
डायबिटिक फुट के लक्षण:
* पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन
* जलन या तेज दर्द
* पैरों में सूजन या लालिमा
* घाव जो जल्दी नहीं भरते
* त्वचा का काला पड़ना (गैंग्रीन का संकेत)
बचाव के लिए ज़रूरी उपाय:
> ब्लड शुगर नियंत्रण – अपनी शुगर को नियंत्रित रखने के लिए डॉक्टर की सलाह का पालन करें।
> पैरों की नियमित जांच – रोज़ अपने पैरों को देखें, खासकर उंगलियों के बीच और तलवों को।
> नियमित सफाई और नमी बनाए रखें – गुनगुने पानी से पैर धोएं, अच्छे से सुखाएं और मॉइस्चराइज़र लगाएं।
> सही जूते पहनें – ढीले, आरामदायक जूते पहनें।
> नाखून सही ढंग से काटें – बहुत छोटा न काटें और किनारों पर ज्यादा कट न लगाएं।
> धूम्रपान और अल्कोहल से बचें – ये रक्त प्रवाह को बाधित कर सकते हैं।
अगर किसी भी तरह की सूजन, संक्रमण या घाव दिखे, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर इलाज से पैर बचाए जा सकते हैं!
