
गुरदासपुरः मोहाली कोर्ट ने हाल ही में पास्टर बजिंदर के 2018 में महिला के दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अभी यह मामला थमा नहीं है कि अब गुरदासपुर के अबुल खैर गांव में चर्च के पास्टर पर दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगने का मामला सामने आ गया। जहां पास्टर जशन गिल पर 22 वर्षीय बीसीए की स्टूटेंड से दुष्कर्म के साथ-साथ गर्भपात के लिए मजबूर करने के आरोप लगे है। आरोप है कि लड़की के साथ पास्टर ने बार-बार दुष्कर्म किया। पीड़िता के पिता ने मीडिया से बात करते हुए जानकारी साझा की। बता दें कि गर्भपात के बाद लड़की की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यह घटना 2023 की है।
आरोप है कि मामले में पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते पास्टर खुलेआम घूम रहा है और पुलिस उससे पैसे ले रही है। जिसके चलते अब उन्होंने पंजाब हाईकोर्ट का रुख करते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। पीड़िता के पिता के मुताबिक, उनकी बेटी उस समय बीसीए की स्टूडेंट थी और अपने परिवार के साथ चर्च जाती थी। जशन गिल ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर उसका शारीरिक शोषण किया और फिर जब वह गर्भवती हो गई तो खोखर गांव की एक नर्स से अवैध और लापरवाही से उसका गर्भपात करवा दिया।
यह गर्भपात एक अवैध केंद्र में किया गया था। गर्भपात इतनी लापरवाही से किया गया कि बेटी को संक्रमण हो गया। उसके पेट में तेज दर्द हुआ और हमने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। जब अल्ट्रासाउंड हुआ तो गर्भपात के बारे में पता चला। इसके बाद उसे अमृतसर ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पीड़िता के पिता ने दावा किया कि पास्टर जशन गिल ने पुलिस अधिकारियों को रिश्वत दी, जिस कारण उसकी अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़िता के पिता ने कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और अपनी सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने गांव तक छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि उनकी अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई शुरू की है। पंजाब पुलिस ने कुछ नहीं किया। वह चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से करवाई जाए। पिता ने जानकारी दी कि पुलिस ने एफआईआर में कत्ल की धाराओं को भी नहीं जोड़ा, जबकि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है। इतना ही नहीं नर्स कुलवंत कौर का नाम भी एफआईआर में दर्ज नहीं किया जा रहा। जब भी पुलिस के पास जाऊं तो वे राजीनामे का जोर लगाते हैं। 2 साल से घर से बाहर हूं, सिर्फ इंसाफ चाहिए।
