
नई दिल्ली: भारत सरकार ने राशन कार्ड और गैस सिलेंडर से संबंधित नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार 27 मार्च से नियमों से जुड़े बदलाव लागू होंगे। इन नए नियमों का उद्देश्य वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, कुशल और लक्षित बनाना है। ये बदलाव देश के करोड़ों नागरिकों, विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे। 27 मार्च से राशन कार्ड और गैस सिलेंडर वितरण के नियमों में होने वाले इन बदलावों से आम नागरिकों को फायदा होगा।
राशन कार्ड से जुड़े नए नियम
भारत सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण नियम लागू किए हैं। अब भौतिक राशन कार्ड की जगह डिजिटल राशन कार्ड का उपयोग किया जाएगा। इससे प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत, नागरिक अब देश के किसी भी हिस्से में अपना राशन प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष रूप से लाभदायक होगा, जो काम की तलाश में अक्सर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं।
आर्थिक सहायता का प्रावधान
नए नियमों के अंतर्गत, पात्र राशन कार्ड धारकों को न केवल मुफ्त राशन मिलेगा, बल्कि उन्हें हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। यह आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। इस योजना से लगभग 80 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे, जिससे गरीबी उन्मूलन के प्रयासों को बल मिलेगा और परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की अनिवार्यता
नए नियमों के तहत, राशन वितरण के समय बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और यह सुनिश्चित होगा कि राशन सही हाथों में पहुंचे। लाभार्थियों को e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसमें आधार कार्ड से बायोमेट्रिक डेटा का मिलान किया जाएगा। यह प्रणाली भ्रष्टाचार और चोरी को रोकने में मदद करेगी और सुनिश्चित करेगी कि राशन का लाभ केवल वास्तविक लाभार्थियों तक ही पहुंचे।
गैस सिलेंडर के नए नियम
सरकार ने गैस सिलेंडर वितरण को भी अधिक कुशल और सुरक्षित बनाने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। अब गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए KYC प्रक्रिया अनिवार्य होगी, जिसमें आधार कार्ड को मोबाइल नंबर से लिंक करना जरूरी होगा। गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय OTP वेरिफिकेशन की आवश्यकता होगी, जिससे गलत हाथों में सिलेंडर जाने की संभावना कम होगी और विशेष रूप से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा बढ़ेगी।
