
चंडीगढ़ः कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ व उनके बेटे से मारपीट के मामले में कर्नल की पत्नी जसविंदर कौर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की। जसविंदर कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांग को सुना और आश्वासन दिया है कि पूरा न्याय मिलेगा। इससे पहले इस मामले में परिवार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिल चुका है। जसविंदर कौर ने कहा कि पंजाब पुलिस ने इस मामले को दबाने की कोशिश की है, जिससे वह मामले की सीबीआई जांच व एसएसपी को बदलने की मांग कर रहे हैं। पीड़ित परिवार के साथ किसान भी मौजूद थे। इससे पहले जसविंदर कौर ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की थी। पीड़ित कर्नल बाठ, उनकी पत्नी जसविंदर कौर व साढू भाजपा नेता गुरतेज सिंह ढिल्लों ने रविवार को रक्षा मंत्री से मुलाकात की।
सुबह आधा घंटे की इस मुलाकात में कर्नल ने घटना की शुरुआत से लेकर अब तक की पुलिस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं की गई है। बता दें कि राजिंदरा अस्पताल के बाहर कर्नल बाठ व उनके बेटे से मारपीट की घटना के बाद पटियाला पुलिस ने चार इंस्पेक्टर सहित 12 कर्मियों को सस्पेंड किया था। जिसके बाद इनके खिलाफ सिविल लाइन थाना में नाम सहित एफआईआर दर्ज की गई थी। घटना के बाद से ही कर्नल बाठ के परिवार का आरोप था कि पटियाला पुलिस इन मारपीट करने वाले अधिकारियों को बचा रही है। इसके बाद मामला आर्मी के सीनियर अफसरों तक पहुंचा और परिवार न अन्य जत्थेबंदियों के साथ मिलकर डीसी के ऑफिस के बाहर धरना भी दिया था।
कर्नल बाठ के अनुसार, घटना के दिन इंस्पेक्टर रौनी सिंह, हरजिंदर सिंह ढिल्लों, हैरी बोपाराय और शमिंदर सिंह मौके पर मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों ने उनके और उनके बेटे अंगद सिंह बाठ के साथ न केवल बेरहमी से मारपीट की, बल्कि धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंचाई। कर्नल बाठ ने बताया कि इंस्पेक्टर हैरी बोपाराय और हरजिंदर सिंह ढिल्लों ने उनकी कार से उन्हें जबरन बाहर खींचकर जमीन पर गिराया और डंडों और लात-घूंसों से पीटा। इस दौरान इंस्पेक्टर सुमिंदर सिंह ने बेसबाल बैट से उनकी कोहनी और घुटनों पर वार किया, जबकि इंस्पेक्टर रौनी सिंह ने डंडे से बाईं बाजू पर चोट पहुंचाई।
