
चंडीगढ़ः साइबर ठगों द्वारा लगातार भोले भाले लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। वहीं साइबर ठगों ने सेक्टर 2ए निवासी 82 वर्षीय सेवानिवृत्त भारतीय सेना के अधिकारी रहे कर्नल दलीप सिंह और उनकी पत्नी 74 वर्षीय रणविंदर कौर बाजवा को डिजिटल अरेस्ट कर 3.4 करोड़ रुपये ठग लिए। मिली जानकारी के अनुसार साइबर ठगों ने उनसे इंफोर्समेंट डायरक्टोरेट (ईडी) के अधिकारी बन कर बात की और एक ‘झूठे’ मामले में उनका नाम आने की बात करके डराया। दम्पति ने इस संबंध में चंडीगढ़ पुलिस के साइबर सेल को शिकायत दी है। साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। कर्नल दलीप सिंह ने बताया कि 18 मार्च, 2025 को कर्नल दलीप सिंह को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने उन पर केनरा बैंक, मुम्बई के एक खाते से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया।
जालसाजों ने आरोप लगाया कि जेट एयरवेज के जेल में बंद मालिक नरेश गोयल ने कर्नल दलीप सिंह का नाम लिया है । उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपना बैंक खाता 5 लाख रुपये में बेचा था और 2 करोड़ रुपये की लॉन्ड्रिंग के लिए 20 लाख रुपये कमीशन मिला था। साइबर ठगों ने वीडियो कॉल पर कर्नल बाजवा को उनका एटीएम कार्ड दिखाया और दावा किया कि वे 5,038 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने 24 कथित पीड़ितों की तस्वीरें भी भेजीं, जिसमें कहा गया कि एक ने आत्महत्या कर ली है। जालसाजों ने कर्नल और उनकी पत्नी को घर में डिजिटल अरेस्ट पर रखा और उन्हें हर समय अपने फोन चालू रखने और किसी से भी संपर्क करने से मना किया। दंपति की डिजिटल अरेस्ट 18 मार्च से 27 मार्च तक 10 दिनों तक लगातार जारी रही।
जालसाजों ने दंपति को सहयोग न करने पर जेल भेजने और उनकी पूरी प्रापर्टी जब्त करने की धमकी भी दी। उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए सुप्रीम कोर्ट के फर्जी पत्र भेजे और ब्लैकमनी की जांच की आड़ में उनकी वित्तीय संपत्तियों का पूरा खुलासा करने की मांग की। इस तरह धीरे-धीरे उन्होंने उनकी सभी तरह की बचत और निवेश के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर ली। उसके बाद जालसाजों ने दंपति को 18-27 मार्च की अवधि में अलग-अलग खातों में पैसे जमा करने के लिए मजबूर किया। दम्पति द्वारा जालसाजों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर की गई कुल राशि 3.4 करोड़ रुपये है।
